Electrician Theory Practical Question and Answer

Electrician Theory Long Question and Answer in Hindi 2021 | ट्रांजिस्टर (Transistor) क्या होता है?

1. ट्रांजिस्टर (Transistor) क्या होता है?

Electrician Theory Long Question and Answer in Hindi 2021

उत्तर. ट्रांजिस्टर जिन दो शब्दों के सहयोग से मिलकर बना है उसमें से एक शब्द ट्रांस है जिसका अर्थ स्थानांतरण है तथा दूसरा शब्द रेजिस्टेंस है जिसका अर्थ प्रतिरोध है इन दोनों शब्दों का अर्थ होता है प्रतिरोध का स्थानांतरण ट्रांजिस्टर में तीन इलेक्ट्रोड होते हैं प्रथम इलेक्ट्रोड का उत्सर्जक या एमीटर दूसरे को बेस तथा तीसरे को संग्राहक या कलेक्टर कहते हैं.

2. पावर एम्पलीफायर (Power Amplifier) क्या है?

उत्तर. पब्लिक एड्रेसिंग एंपलीफायर रिसीवर ट्रांसलेटर आदि उपकरणों में एक पावर एंपलीफायर स्टेज अथवा आउटपुट स्टेज इस्तेमाल करना आवश्यक होता है जिसकी धारा वहन क्षमता काफी अधिक होती है पावर एंपलीफायर सर्किटस समांतर पशु-पुल एवं कॉन्प्लिमेंन्ट्री सिमेंट्री प्रकार के होते है.

3. वेव शेपिंग परिपथ (Wave Shaping Circuit) क्या है?

उत्तर. वेवशेपिंग वस्तुतः सिग्नल प्रोसेसिंग का एक भाग है जिसमें सिग्नल वेवफार्म को प्रवर्धन से पहले आवश्यक वांछित आकृति प्रदान की जाती है इस प्रक्रिया के माध्यम से कुछ नेटवर्कों का इस्तेमाल करके पुरानी वेवफार्म को नयी वेवफार्म में परिवर्तित किया जाता है वेवशेपिंग का यदि विस्तृत विवेचन करें तो पाएंगे कि यह रेखीय अथवा अरेखीय प्रकार की हो सकती है रेखीय वेवशेपिंग परिपथ में रेखीय अवयवों; R,L एवं C ; का इस्तेमाल किया जाता है जबकि अरेखीय वेवशेपिंग परिपथ में अरेखीय अवयवों डायोड,ट्रांजिस्टर आदि का इस्तेमाल किया जाता है.

4.बायसिंग (Biasing) क्या होता है?
उत्तर. ट्रांजिस्टर के टर्मिनलों को बाहरी स्त्रोतों से संयोजित करने की प्रक्रिया बायसिंग कहलाती है इसकी इनपुट एवं आउटपुट बायसिंग के आधार पर ही ट्रांजिस्टर का प्रचालन निर्भर करता है N-P-N एवं P-N-P ट्रांजिस्टर की बायसिंग को निचे क्रमवार समझाया गया है.

5. क्लेम्पिंग परिपथ (Clamping Circuit) क्या है?
उत्तर. क्लैम्पिंग परिपथ एक ऐसा डी.सी. परिपथ है जो किसी तरंग रूप के वोल्टेज स्तर को वांछित स्तर में परिवर्तित कर देता है सामान्य भाषा में इस परिपथ के द्वारा इनपुट सिग्नल के डी.सी. अवयव को जोड़ा अथवा घटाया जाता है इसे डी.सी. रिस्टोर एवं लेवल शिफ्टर भी कहते हैं आउटपुट पर प्राप्त सिग्नल के स्तर के आधार पर क्लैम्पिंग परिपथ को धनात्मक एवं ऋणआत्मक प्रकारों में बांटा गया.

6. रेडियो फ्रीक्वेंसी एंपलीफायर (Radio Frequency Amplifier) क्या होता है?
उत्तर. इस प्रकार के एंपलीफायर 20 किलो हट्र्ज से 3 X10/6 हट्र्ज या 3 मेगा हट्र्ज के मध्य के सिग्नल को एंपलीफाई करने के काम आते हैं इनका इस्तेमाल ट्रांसमीटर तथा सर्विस आसिलेटर में किया जाता है

7.मल्टी वाइब्रेटर (Multi vibrator) क्या है?
उत्तर. मल्टीवाइब्रेटर सर्किट का इस्तेमाल मुख्यतः वर्गाकार वेव उत्पन्न करने के लिए किया जाता है मल्टीवाइब्रेटर सर्किट 3 प्रकार के होते हैं.

8. कैस्केड या मल्टी स्टेज एम्पलीफायर (Cascade Or Multistage Amplifier) क्या है?
उत्तर. दो या दो से अधिक स्टेज वाला ऐसा एंपलीफायर सर्किट जिसमें केवल R-C कपलिंग इस्तेमाल की गई हो कैस्केड एम्पलीफायर या मल्टीस्टेज एम्पलीफायर कहलाता है इसका फ्रीक्वेंसी रेस्पोस ऑफ फ्रीक्वेंसी पर भी उत्तम होता है.

9. प्रेरक फिल्टर सर्किट (Inductor Filter Circuit) क्या होता है?
उत्तर. इस सर्किट में आउटपुट की और एक इंडक्टर लोड प्रतिरोधक RL के श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है.एक इंडक्शन क्वॉयल को लोड प्रतिरोधक की श्रेणी में जोड़कर आउटपुट रेक्टिफाइड धारा के स्पन्दन को कम किया जाता है.

10. मोनो स्टेबल मल्टीवाइब्रेटर (Mono Stable Multi Vibrator) क्या है?
उत्तर. मोनोस्टेबल मल्टीवाइब्रेटर के केवल एक ही स्टेबल दशा होती है इसे स्टेबल दशा से ऑपरेट होने की दशा में लाने के लिए ट्रिगर-प्लस की आवश्यकता होती है ट्रिगर प्लस के बाद यह एक निश्चित समय तक ऑपरेट रहने के बाद यह पुन: स्टेबल दशा में पहुंच जाता है इस सर्किट में दो में से एक ट्रांजिस्टर को ऑन स्थिति में रखकर ट्रिगर प्लस दिया जाता है जिसके कारण प्रचालन की दशा बदलने लगती है इस परिवर्तन के कारण और ऑसिलेशन बनाने प्रारंभ हो जाते हैं तथा एक निश्चित समय के बाद सर्किट पुन: स्टेबल अवस्था में पहुंच जाता है इस सर्किट का इस्तेमाल कंप्यूटर्स में किया जाता है.

Electrician Theory Long Question and Answer in Hindi 2021

11. संक्रियात्मक प्रवर्धक (Operational Amplifier) क्या है?
उत्तर. संक्रियात्मक प्रवर्धक (Operational Amplifier) मूलतः एक मल्टीस्टेज अति उच्च लाभयुक्त एवं प्रत्यक्ष कपल्ड ऋणआत्मक फीडबैक प्रबंर्धक होता है जो कि एक स्थिर वोल्टेज लाभ प्रदान करने के लिए वोल्टेज शंट फीडबैक का इस्तेमाल करता है ऑपरेशनल एंपलीफायर को व्यवहारिक भाषा में Op-Amp के नाम से जाना जाता है एक ऑपरेशनल एंपलीफायर की इनपुट प्रतिबाधा उच्च होती है तथा आउटपुट प्रतिबाधा निम्न होती है जिसके फलस्वरुप यह 0 Hz से 1 MHz तक की आवृत्ति वाले सिग्नलों को प्रतिर्धित कर सकता है इसके द्वारा ए.सी. एंव डी.सी. दोनों प्रकार के सिग्नलों को प्रतिर्धित किया जाना संभव होता है Op-Amp एक रेखीय IC होती है जिसको मुख्य रूप से गणितीय संक्रियाओं को संपन्न कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

12. श्रेणी C एंपलीफायर (Class C Amplifier) क्या होता है?
उत्तर. वह एंपलीफायर जिसमें सिग्नल वोल्टेज इस प्रकार समायोजित किए गए हो कि इनपुट सिग्नल के आधे से कम समय के लिए धारा प्रवाहित होती हो वह वर्ग सी एंपलीफायर कहलाता है इस एंपलीफायर की फाइडेलिटी न्यूनतम डिस्टॉर्शन अधिकतम तथा आउटपुट पावर अधिकतम होती है इसकी दक्षता 70-75% तक होती है इससे ट्रांसमीटर में RF एंपलीफायर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है

13. ऑडियो फ्रीक्वेंसी एंपलीफायर (A.F.Amplifier) क्या होता है?
उत्तर. इस प्रकार के एंपलीफायर्स ऑडियो फ्रीक्वेंसी के सिंग्नल को बिना किसी विरूपण के एंपलीफाई करने के लिए या पावर एंपलीफायर के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं इनका इस्तेमाल पब्लिक एड्रेसिंग एंपलीफायर,रेडियो तथा टी.वी. रिसीवर की साउंड आउटपुट स्टेज आदि में किया जाता है.

14. श्रेणी A एंपलीफायर (Class A Amplifier) क्या होता है?
उत्तर. वह एंपलीफायर जिसमें सिग्नल वोल्टेज इस प्रकार समायोजित किया जाता है कि इनपुट सिग्नल के पूरे समय के लिए कलेक्टर धारा प्रवाहित होती रहे श्रेणी ‘A, एंपलीफायर कहलाता है इस एंपलीफायर की फाइडेलिटी की सर्वोत्तम डिस्टॉर्शन न्यूनतम तथा आउटपुट पावर कम होती है इसकी दक्षता 20%-35% तक होती है श्रेणी A वर्ग के एंपलीफायर्स को प्री-एम्प्लीफायर तथा AF एंपलीफायर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है

15. श्रेणी AB एंपलीफायर (Class AB Amplifier) क्या होता है?
उत्तर. वह एंपलीफायर जिसमें सिग्नल वोल्टेज इस प्रकार समायोजित किया जाता है कि इनपुट सिग्नल के आधे से अधिक परंतु पूरे कम समय के लिए कलेक्टर धारा प्रवाहित होती हो वर्ग AB एंपलीफायर कहलाता है इस प्रकार के एंपलीफायर निम्न सिग्नल स्तर पर स्वत ही वर्ग ए की भांति कार्य करने वाले हैं इस एंपलीफायर की फाइडेलिटी एवं आउटपुट पावर श्रेणी A तथा B के मध्य होती है इसमें निम्न सिग्नल स्तर पर कोई डिस्टॉर्शन नहीं होता है तथा दक्षता 35-50% होती है

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Some Note’s

1 – What is the fitter ?

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