सरफेस गेज किसे कहते है सरफेस गेज कितने प्रकार के होते है हिंदी में

सरफेस गेज किसे कहते है सरफेस गेज कितने प्रकार के होते है हिंदी में

सरफेस गेज (Surface Gauge)

परिचय (Introduction) – सरफेस गेज एक प्रकार का मार्किंग टूल है जिसके साथ दो सिरों वाला स्क्राइबर लगा रहता है। इस स्क्राइबर का एक सिरा सीधा व दूसरा सिरा 90° में मुड़ा होता है। सरफेस गेज को मार्किंग ब्लॉक (Marking Block) और स्क्राइबिंग ब्लॉक (Scribing Block) भी कहते हैं।(Fig-15)

सरफेस गेज (Surface Gauge)कितने प्रकार के होते है ?

प्रायः निम्नलिखित प्रकार के सरफेस गेज प्रयोग में लाये जाते हैं

1. फिक्स्ड सरफेस गेज (Fixed Surface Gauge) -इस प्रकार के सरफेस गेज में एक गोलाकार या चौरस आकार का बेस होता है जिसके साथ एक स्पिण्डल स्थाई रूप से जुड़ा रहता है या इसको चूड़ी की सहायता से जोड़ा जाता है। इस पर साइज खोलने के लिए स्लाइडिंग स्नग (Sliding Snug) की सहायता से स्क्राइबर को अंदाज से ऊपर-नीचे करके साइज खोला जाता है। इसके द्वारा शुद्धता में माप खोलने के लिए कठिनाई होती है। इसलिए इसका प्रयोग वर्कशाप में कम किया जाता है।

 2. यूनिवर्सल सरफेस गेज (Universal Surface Gauge) -इस प्रकार के सरफेस गेज में स्पिण्डल सरफेस गेज के बेस के साथ प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ा रहता बल्कि एक रॉकर आर्म (Rocker Arm) के साथ जुड़ा रहता है. जिसका संबंध बेस से होता है। इस प्रकार के सरफेस गेज को आसानी से समायोजित (Adjust) किया जा सकता है और इसमें फाइन एडजस्टिंग स्क्रू का प्रबंध होने के कारण इसके द्वारा 1 या 1/2 मि.मी. तक की छोटी-छोटी मापों को भी सेट किया जा सकता है।

इस सरफेस गेज से फिक्स्ड सरफेस गेज की अपेक्षा अधिक शुद्धता में मार्किंग की जा सकती है इसलिए ऐसे सरफेस गेज का प्रयोग वर्कशाप में अधिकतर किया जाता है। इसके प्रायः निम्नलिखित मुख्य भाग होते है।

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1. बेस (Base) -यह सरफेस गेज का सबसे नीचे का भाग होता है जिसके ऊपर रॉकर आर्म और गाइड पिनें फिट रहती हैं। यह प्राय: कास्ट आयरन का बनाया जाता है। 

2. स्पिण्डल (Spindle) -यह प्रायः माइल्ड स्टील का बना होता है और केस हार्ड कर दिया जाता है। यह रॉकर आर्म (Rocker Arm) के साथ जुड़ा रहता है।

3. स्क्राइबर (Scriber) – यह प्रायः हाई कार्बन स्टील से बना होता है और इसके प्वाइंटों को हार्ड व टेम्पर कर दिया जाता है। इसका प्रयोग लाइनें खींचने के लिए किया जाता है।

4. स्क्राइबर स्नग (Scriber Snug) – यह पिलर पर ऊपर और नीचे स्लाइड (Slide) कर सकता है। इसका प्रयोग स्क्राइबर को निश्चित ऊंचाई तक सैट करने के लिये किया जाता है।

5. रॉकर आर्म (Rocker Arm) – यह प्रायः बेस पर बने हुए खांचे (Slot) में स्क्रू व स्प्रिंग की सहायता से जुड़ा रहता है।

6. फाइन एडजस्टिंग स्क्रू (Fine Adjusting Screw) -यह प्राय:रॉकर आर्म के साथ जुड़ा रहता है जिसका प्रयोग फाइन एडजस्टिंग के लिये किया जाता है।

7. स्पिण्डल लॉक नट (Spindle Lock Nut) – यह प्राय: रॉकर आर्म के साथ लगा रहता है जिसका प्रयोग स्पिण्डल को क्लेम्प करने के लिए किया जाता है। इसकी सहायता से पिलर को किसी भी कोण में कसा जा सकता है।

8. गाइड पिनें (Guide Pins) -ये स्टील की बनी हुई पिनें होती है जो कि बेस के साथ जुड़ी रहती हैं। इनको ऊपर नीचे एडजस्ट किया जा सकता है। जब सरफेस प्लेट के किनारे से या मशीन के बेड के किनारे से समानान्तर लाइनें खींचनी हों तो गाइड पिनें प्रयोग में लाई जाती हैं।

पयोग (Uses)

1. सरफेस गेज का प्रयोग समानान्तर और सीधी लाइनें खींचने के लिए किया जाता है। 

2. इसका प्रयोग समानान्तर साइड़ों को चैक करने के लिए भी किया जाता है। 

3. इसका प्रयोग लेथ मशीन पर फोर जॉ चॅक में जॉब को सेंटर में बांधते समय भी किया जाता है।

मार्किंग विधि (Marking Method)

1. सरफेस प्लेट को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए।
2. जॉब के साइज के अनुसार सरफेस गेज, ऐंगल प्लेट या ‘वी’ ब्लॉक और स्टील रूल का चयन कर लेना चाहिए। यदि संभव हो तो कंबीनेशन सेट में रूल का प्रयोग करना चाहिये। 

3. स्टील रूल को ऐंगल  प्लेट  का सहारा देकर पकड़ लेना चाहिये।

4. सरफेस गेज के स्क्राइबर स्नग (Scriber Snug) को ढीला करके ड्राइंग की माप के अनुसार अंदाज से खोल लेना चाहिए।

5. शुद्ध माप के लिए फाइल एडजस्टिंग स्क्रू का प्रयोग करके सही माप लेनी चाहिये।

6. स्टील रूल को हटा कर उसकी जगह पर जॉब को रखकर मार्किंग की लाइनें लगा लेनी चाहिये। यदि जॉब टेढ़ा मेढ़ा हो तो उसे ऐंगल प्लेट के साथ क्लेम्प करके मार्किंग करनी चाहिए और गोल जॉब को ‘वी’ ब्लॉक पर सहरा देकर मार्किंग करनी चाहिये।

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सावधानियां (Precautions)

1. स्क्राइबर का प्वाइंट तेज धार वाला होना चाहिए। 

2. स्क्राइबर का मुड़ा हुआ सिरा प्रायः नीचे की ओर रखना चाहिए। 

3. जहां तक संभव हो मार्किंग करते समय स्पिण्डल को सीधा रखना चाहिये।

4. सरफेस गेज के स्क्राइबर को सेट करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि स्क्राइबर का प्वाइंट स्पिण्डल के नजदीक होना चाहिए। यदि दूर होगा तो मार्किंग करते समय कंपन होगी। 

5. माप लेने के पश्चात् स्क्राइबर को स्क्राइबर स्नग के साथ अच्छी तरह से कस देना चाहिये।

6. यदि स्क्राइबर के द्वारा एक लाइन खींची जा चुकी है तो उस पर दूसरी लाइन नहीं खींचनी चाहिए। 

7. यदि इसका प्रयोग न किया जा रहा हो तो स्क्राइबर को स्पिण्डल के समानान्तर रखना चाहिए और इसे तेल या ग्रीस लगाकर रखना चाहिये।

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