Electrician Trade kya hota hain | eska kya Scope hain ?

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Electrician Trade kya hota hain ? eska kya Scope hain ?Expected Skills from an Electrician After Training

Electrician Trade kya hota hain

इलेक्ट्रीशियन व्यवसाय ( Electrician Trade ) :

शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (Craftsman Training Scheme) में इलेक्ट्रीशियन व्यवसाय (trade) राष्ट्र भर के
आई. टी आई. (ITls) में सबसे लोकप्रिय व्यवसाय है। यह व्यवसाय दो वर्षीय समयान्तराल का है। यह मुख्यतः
डोमेन एरिया व कोर एरिया से परिपूर्ण है। डोमेन एरिया में ट्रेड थ्योरी व ट्रेड प्रैक्टिकल तथा कोर एरिया में
कार्यशाला गणना व विज्ञान, इंजीनियरिंग ड्रॉइंग और एम्प्लॉयएबिलिटि स्किल्स आते हैं। इसमें राष्ट्रीय व्यवसाय
कोड (National Code of Occupation, NCO) पर आधारित दो विशेषज्ञ वर्ग हैं 2

  1. इलेक्ट्रीशियन सामान्य (NCO-2015 सन्दर्भ है-7411.0100)
  2. इलेक्ट्रिशियन फिटर (NCO 2015 सन्दर्भ है – 7412.0200

इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के क्षेत्र ( Scope of Electrician Trade )

NCVT (National Council on Vocational Training) द्वारा इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में दो वर्षीय प्रशिक्षण के उपरान्त प्रशिक्षुओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं, जोकि निम्नलिखित हैं :-

  1. स्थानीय विद्युत बोर्ड, रेलवे, टेलीफोन विभाग, एयरपोर्ट तथा दूसरी राजकीय और अर्द्धराजकीय संस्थाओं में
  2. फैक्ट्रियों में विद्युत्कार (सार्वजनिक / व्यक्तिगत) के रूप में।
  3. होटलों, अस्पतालों, सिनेमाघरों, सभा भवनों इत्यादि में।
  4. वैद्युत दुकानों पर वैद्युत साधनों की मरम्मत के लिए
  5. स्विच गियर फैक्ट्री में पैनल बोर्ड पर वैद्युत नियन्त्रण गियर्स और स्विचों का समुच्चयन (assembling) करने के लिए
  6. ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में वाहनों की वायरिंग एवं उनके विभिन्न पुर्जों की मरम्मत में |
  7. घरेलू साधनों का निर्माण करने वाली फैक्ट्रीयों में घरेलू साधनों के समुच्चयन में।
    ४. प्रसिद्ध कम्पनियों में घरेलू साधनों के सर्विस मैकेनिक (service mechanic) के रूप में।

प्रशिक्षण के बाद विद्युत्कार से अपेक्षित योग्यता ( Expected Skills from an Electrician After Training )

इलेक्ट्रीशियन का दो वर्षीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात् एक विद्युत्कार से निम्नवत् योग्यताओं की अपेक्षा की जाती है –

  1. भारतीय विद्युत नियमों के अनुसार वायरिंग करना।
  2. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार चिन्हों, संकेतों की पूर्ण जानकारी होना।
  3. भारतीय विद्युत नियमानुसार, घरों की सभी प्रकार की वायरिंग करना।
  4. भारतीय विद्युत नियमों के अनुसार, ओवरहैड लाइन पर कार्य करने में सक्षम होना।
  5. भारतीय विद्युत नियमों के अनुसार अर्थिग करना।
  6. मोटर नियन्त्रण के लिए सरल वैद्युतिक परिपथों का परीक्षण और प्राप्त दोषों को ठीक करने की जानकारी होना।
  7. सभी वैद्युतिक मशीनों की रिवाइण्डिग करने की पूर्ण जानकारी होना।
  8. सभी प्रकार के DC एवं AC परिपथों को तैयार करने में सक्षम होना।
  9. भारतीय नियमों तथा BIS के अनुसार, व्यावसायिक वायरिंग स्थापित करने की जानकारी होना ।
  10. ट्रान्सफॉर्मर, जेनरेटर, ऑल्टरनेटर, 3-फेज मोटर, सिंगल फेज मोटरों की वाइण्डिग, मरम्मत, रख-रखाव आदि की पूर्ण जानकारी होना।

रोजगार विकास मार्ग ( Career Progression Pathways )

इलेक्ट्रीशियन ट्रेड उत्तीर्ण करने के पश्चात्प्रशिक्षार्थी के लिए निम्न रोजगार विकास मार्ग हो सकते हैं

  1. इलेक्ट्रीशियन व्यवसाय (Electrician trade) उत्तीर्ण करने के पश्चात् प्रशिक्षार्थी 10+2 परीक्षा में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान (NIOS) द्वारा उच्चतर माध्यमिक प्रमाण पत्र में प्रवेश ले सकता है और सामान्य तकनीकी शिक्षा में जा सकता है।
  2. प्रशिक्षार्थी डिप्लोमा पाठयक्रम की इंजीनियरिंग की अनुशंसित शाखाओं (notified branches) में सीधे प्रवेश ले सकता है।
  3. विभिन्न प्रकार की औद्योगिक इकाइयों में प्रशिक्षु प्रशिक्षण के लिए शामिल होकर राष्ट्रीय प्रशिक्षु प्रमाणपत्र (National Apprenticeship Certificate, NAC) ले सकता है।
  4. व्यवसाय में शिल्पकार अनुदेशक प्रशिक्षण योजना (CITS) में प्रवेश कर (ITIs) में अनुदेशक हो सकता है।
  5. सीधे विद्युत लाइसेन्स बोर्ड से वायरमैन (B) में लाइसेन्स प्राप्त कर सकता है।

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रोजगार के अवसर ( Job Opportunities )

एक इलेक्ट्रीशियन के लिए निम्न रोजगार के अवसर होते हैं
● स्थानीय (local) विद्युत बोर्ड, रेलवे, टेलीफोन विभाग, एयरपोर्ट और अन्य सरकारी और अर्द्ध-सरकारी प्रतिष्ठानों में ।
● कारखानों (निजी/ सार्वजनिक) में इलेक्ट्रीशियन स्थापन, परीक्षण और सिनेमाघरों में विद्युत उपकरणों की देखभाल व मरम्मत हेतु ।
● विद्युत नियंत्रण गियर और स्विचों को पैनल बोर्ड पर असेम्बल करने में। वाइण्डिंग दुकानों में इलैक्ट्रिकल मोटरों का वाइन्डर होटलों, रिसॉर्टस, अस्पतालों और फ्लैट्स में स्थापन सर्विस और विद्युत उपकरणों की मरम्मत में। घरेलू उपकरण निर्माण कारखानों में असेम्बलर प्रतिष्ठित उपकरण कम्पनी में सर्विस टेक्नीशियन

स्वरोजगार अवसर ( Self-employment Opportunities )

इच्छानुसार निम्न स्वरोजगार भी प्रारम्भ कर सकता है NCVT द्वारा इस ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात् प्रशिक्षु अपनी

  1. विद्युत्कार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में, वैद्युत स्विच गियर और मोटर्स की मरम्मत के लिए सेवा केन्द्र स्थापित करना ।
  2. होटलों, रिसॉर्टों, अस्पतालों, बैंकों इत्यादि में वायरिंग स्थापना ( instalation) की अनुरक्षण ठेकेदारी।
  3. वैद्युतिक पैनलों के उप-समुच्चयन के निर्माण के लिए ठेकेदारी।
  4. घरेलू तथा व्यावसायिक वायरिंग स्थापना की ठेकेदारी।
  5. सरल इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की मरम्मत।
  6. घरेलू साधनों की सेवा, अनुरक्षण तथा मरम्मत
  7. वैद्युतिक हार्डवेयर के लिए दुकानदारी/एजेन्सी ।
  8. विशिष्ट क्षेत्र में कुछ अतिरिक्त प्रशिक्षण से ऑडियो/रेडियो/टी.वी. कारीगर बनना।

उपरोक्त दिए गए बिन्दुओं से यह स्पष्ट है कि यदि किसी कारणवश विद्युत्कार को रोजगार प्राप्त नहीं होता है, तो वह अपना स्वयं का रोजगार प्रारम्भ करने में पूर्णत: सक्षम होता है।

Electrician Trade kya hota hain

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