Terminology meaning and examples | Prat – 01

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सामान्य पारिभाषिक शब्दावली (General definiting terminology)

Terminology meaning and examples
चित्र 12.1. ट्रांसफॉर्मर का ब्लाक डायग्राम

परिणामित्र (Transformer) — यह एक स्थैतिक प्रत्यावर्ती वैद्युत साधन है, जो समान आवृत्ति पर वैद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धान्तानुसार, न्यून वोल्टता की वैद्युत शक्ति को उच्च वोल्टता की वैद्युत शक्ति में, अथवा उच्च वोल्टता की वैद्युत शक्ति को न्यून वोल्टता की वैद्युत शक्ति में, एक परिपथ से दूसरे परिपथ में स्थानान्तरित (transfer) करता है, ट्रांसफॉर्मर कहलाता है। ट्रांसफॉर्मर के दोनों वैद्युत परिपथ एक-दूसरे से चुम्बकीयनुमा युग्मित (magnetically coupled) रहते हैं, जैसा कि चित्र 12-1 से स्पष्ट है।

उत्क्रम परिणामित्र (Step up transformer) – वह ट्रांसफॉर्मर, जो न्यून प्रत्यावर्ती वोल्टता को उच्च प्रत्यावर्ती वोल्टता में परिवर्तित करता है, स्टेप अप टांसफॉर्मर कहलाता है।

अवक्रम परिणामित्र (Step down transformer) — वह ट्रांसफॉर्मर, जो उच्च प्रत्यावर्ती वोल्टता को न्यून प्रत्यावर्ती वोल्टता में परिवर्तित करता है, स्टेप डाउन ट्रांसफॉर्मर कहलाता है।

शक्ति परिणामित्र (Power transformer) — वह ट्रांसफॉर्मर, जिसका प्रयोग (use) वैद्युत शक्ति प्रणाली (तन्त्र) में वैद्युत केन्द्रों तथा उपकेन्द्रों पर होता है, पॉवर ट्रॉसफॉर्मर कहलाता है। ये परिणामित्र निम्नांकित दो प्रकार के होते हैं

(i) संचरण परिणामित्र (Transmission transformer)
(ii) वितरण परिणामित्र (Distribution transformer)

औद्योगिक परिणामित्र (Industrial transformer) — वह पॉवर ट्रांसफॉर्मर, जिसका प्रयोग औद्योगिक क्षेत्र में होता है; इण्डस्ट्रिअल ट्रांसफॉर्मर कहलाता है; जैसे फर्नेस ट्रांसफॉर्मर, वेल्डिंग ट्रांसफॉर्मर आदि।

लघु परिणामित्र (Small transformer) — वह सिंगल फेज़ ट्रांसफॉर्मर, जिसकी क्षमता 1 kVA या इससे कम होती है; स्माल ट्रांसफॉर्मर कहलाता है; जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रांसफॉर्मर, कम्यूनिकेशन ट्रांसफॉर्मर, इंस्टुमेन्ट ट्रांसफॉर्मर आदि।

इलेक्ट्रोनिकी परिणामित्र (Electronics transformer) — वह ट्रांसफॉर्मर, जिसका प्रयोग इलेक्ट्रोनिक इंजीनियरिंग में होता है, इलेक्ट्रोनिक्स ट्रांसफॉर्मर कहलाता है।

संचार परिणामित्र (Communication transformer) — वह ट्रांसफॉर्मर, जिसका प्रयोग कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में होता है, कम्यूनिकेशन ट्रांसफॉर्मर कहलाता है।

स्थिर वोल्टता परिणामित्र (Constant voltage transformer) — वह ट्रांसफॉर्मर, जिससे स्थायी वोल्टता प्राप्त होती है। उपयन्त्र परिणामित्र (Instrument transformer)—वह परिणामित्र, जिसका प्रयोग वैद्युत मापयन्त्र प्रणाली में धारा परिणामित्र (c.t.) अथवा विभव परिणामित्र (p.t.) की तरह होता है, इन्स्ट्रमेंट ट्रांसफॉर्मर कहलाता है।

भट्टी परिणामित्र (Furnace transformer) — वह ट्रांसफॉर्मर, जिसका प्रयोग भट्टी को विद्युत-प्रदाय प्रदान हेतु होता है, फर्नेस ट्रांसफॉर्मर कहलाता है; जैसे आर्क फर्नेस ट्रांसफॉर्मर, इण्डक्शन फर्नेस ट्रांसफॉर्मर आदि।

वेल्डन परिणामित्र (Welding transformer) — वह ट्रांसफॉर्मर, जिसका प्रयोग इलेक्ट्रिकल वेल्डिंग के लिए होता है, वेल्डिंग ट्रांसफॉर्मर कहलाता है।

अभिवर्धक परिणामित्र (Booster transformer) – वैद्युत शक्ति प्रणाली की अधिक लम्बी संचरण लाइनों में वोल्टतापात की आपूर्ति (compensate) करने हेतु प्रयुक्त ट्रांसफॉर्मर को बूस्टर ट्रांसफॉर्मर कहते हैं। इस ट्रांसफॉर्मर की द्वितीयक कुण्डलन (secondary winding) को संचरण लाइन की श्रेणी में संयोजित किया जाता है।

स्वःपरिणामित्र (Auto transformer) – यह एक प्रकार का परिवर्तनीय परिणामित्र है, जिसमें केवल एक कुण्डलन होती है, जो प्राथमिक तथा द्वितीयक दोनों कुण्डलनों का कार्य करती है। इस प्रकार उभयनिष्ठ कुण्डलन (common winding) वाले परिणामित्र को स्वःपरिणामित्र कहते हैं।

प्रवर्तक परिणामित्र (Starter transformer) — वह परिणामित्र, जो ए० सी० मोटर के लिए प्रवर्तक (starter) का कार्य करता है, स्टार्टर ट्रांसफॉर्मर कहलाता है।

वोल्टता नियमन परिणामित्र (Voltage regulating transformer) — वह ट्रांसफॉर्मर, जो वोल्टेज रेग्युलेशन का कार्य करता है, वोल्टेज रेग्युलेटिंग ट्रांसफॉर्मर कहलाता है।

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परिणामित्र की संरचनात्मक शब्दावली (Terminology)

प्राथमिक पक्ष (Primary side) – ट्रांसफॉर्मर के प्रदायी पक्ष (supply side) को प्राथमिक पक्ष अर्थात् प्राइमरि साइड कहते हैं।

द्वितीयक पक्ष (Secondary side) – ट्रांसफॉर्मर के भार पक्ष (load side) को द्वितीयक पक्ष अर्थात् सेकण्डरि साइड कहते हैं।

प्राथमिक कुण्डलन (Primary winding) — प्रदायी पक्ष की कुण्डलन (supply side winding) को प्राथमिक कुण्डलन अर्थात् प्राइमरि वाइंडिग कहते हैं।

द्वितीयक कुण्डलन (Secondary winding) – भार पक्ष की कुण्डलन (load side winding) को द्वितीयक कुण्डलन अर्थात् सेकण्डरि वाइंडिग कहते हैं।

प्राथमिक वोल्टता (Primary voltage) – प्रदायी वोल्टता (supply voltage) को प्राथमिक वोल्टता कहते हैं। इसे VI प्रतीकात्मक अक्षर से व्यक्त करते हैं।

द्वितीयक वोल्टता (Secondary voltage) — भार वोल्टता (load voltage) को द्वितीयक वोल्टता कहते हैं। इसे V प्रतीकात्मक अक्षर से व्यक्त करते हैं।

प्राथमिक धारा (Primary current) —प्राथमिक कुण्डलन में बहने वाली धारा को प्राथमिक धारा कहते हैं। इसे ऐम्पियर मात्रक में | प्रतीकात्मक अक्षर से व्यक्त करते हैं।

द्वितीयक धारा (Secondary current) – द्वितीयक कुण्डलन में बहने वाली धारा को द्वितीयक धारा कहते हैं। इसे ऐम्पियर मात्रक में Iप्रतीकात्मक अक्षर से व्यक्त करते हैं।

पारस्परिक फ्लक्स (Mutual flux) —दो कुण्डलियों के उभयनिष्ठ फ्लक्स को पारस्परिक फ्लक्स कहते हैं। इसे वेबर मात्रक में के प्रतीकात्मक अक्षर से व्यक्त करते हैं

क्रोड (Core) – इसका तात्पर्य आन्तरिक अंग (Internal part) से है।

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